अच्छे से अच्छे संबंधों को बर्बाद कर देता है!

जिस प्रकार नींबू के रस की एक बूंद हजारों लीटर दूध को बर्बाद कर देती है



उसी प्रकार ‘मनुष्य’ का ‘अहंकार’ भी अच्छे से अच्छे संबंधों को बर्बाद कर देता है!

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